Why Should We Seek Counsel? | महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले सलाह क्यों लेना चाहिए?

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Why Should We Seek Counsel? | महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले सलाह क्यों लेना चाहिए? परमेश्वर हमें प्रोत्साहित करता है कि हम महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले सलाह लें। सलाह लेना भी आपकी बुद्धिमता का प्रदर्शन करता है।

परमेश्वर का वचन हमें प्रोत्साहित करता है कि हम अपनी समझ का सहारा न लें, बल्कि हम पूरे मन से परमेश्वर पर भरोसा रखें। (नीतिवचन 3ः5) सम्मति को सुनना और शिक्षा को ग्रहण करना जरुरी है ताकि हम बुद्धिमान ठहरे।

बहुत बार हम इसलिए भी सलाह नहीं लेते हैं क्योंकि हमें अपने निर्णय ठीक जान पड़ते हैं। (नीतिवचन 10ः20) परमेश्वर का वचन हमें बताता है कि ये मूर्खता का ही काम है क्योंकि मूर्ख को अपनी ही चाल सीधी जान पड़ती है परंतु जो सम्मति मानता, वह बुद्धिमान होता है। (नीतिवचन 12ः15)

सलाह किनसे लेना चाहिए?

Why Should We Seek Counsel

हमें सर्वप्रथम परमेश्वर के वचन से सलाह लेना चाहिए।

मसीही जीवन में परमेश्वर के वचन को हमारे जीवन में प्राथमिकता होनी चाहिए, क्योंकि परमेश्वर ने पहले से ही हमारे लिए दिशा निर्देश दे दिए हैं। उसका वचन हमारे मार्गों के लिए उजाला है। (भजन 119:105) उसकी चितौनियाँ हमारा सुखमूल और मंत्री है। (भजन 119:24)

उसका वचन जीवित, और प्रबल, दोधारी तलवार से भी बहुत चोखा है। परमेश्वर का वचन हमारी मन की भावनाओं और विचारों को जांचता है। इसलिए हमें सर्वप्रथम परमेश्वर के वचन से ही सलाह लेना चाहिए। (इब्रानियों 4ः12)

परमेश्वर अद्भुत युक्ति करने वाला है। (यशायाह 9:6) जिस राह में आपको चलना चाहिए वो आपकी अगुवाई करेगा। उसने वादा किया है कि वह हमें बुद्धि देगा। (भजन 32:8)

अपने जीवन साथी से सलाह लें।

यदि आप विवाहित हैं तो आपको अपने जीवन साथी से भी सलाह लेनी चाहिए। Bible के अनुसार पति और पत्नी एक देह हैं। उचित निर्णय लेने के लिए उन्हें एक दूसरे की आवश्यकता है। स्त्रियों को अंतःप्रेरणा का स्वाभाविक रुप से वरदान प्राप्त है।

तथ्यों और विश्लेषण पर ध्यान लगाना पुरुषों के स्वभाव में है। कई बार प्रभु, पत्नी के माध्यम से पति के साथ स्पष्ट रुप से बातचीत करता है क्योंकि परमेश्वर ने उसे उसकी सहायक बनाया है। पत्नी के अनुभव का स्तर भले ही कम हो, परंतु पति को आर्थिक मामलों में पत्नी की सलाह भी अवश्य लेनी चाहिए।

अपने माता-पिता से सलाह लें।

वचन हमें उत्साहित करता है कि हमें अपने अभिभावकों से भी सलाह लेनी चाहिए। हमें उनकी आज्ञा और शिक्षा को कभी नहीं भूलना है क्योंकि उनको भी काफी अनुभव रहता है। (नीतिवचन 6ः20) वैसे भी परमेश्वर ने माता पिता के पास बच्चों को सही मार्गदर्शन करने की जिम्मेदारी दी है। (व्यवस्था 6:6-9)

परमेश्वर के लोगों से सलाह लें।

अनुभवी लोग जो Bible जानते हैं वे विशेषकर अनमोल सलाहकार होते हैं। परमेश्वर के वचन में ऐसे कई Examples मिलते है कि राजा और लोग भी परमेश्वर के लोगों से सलाह लिया करते थे।

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Photo by Jack Sharp on Unsplash

कई लोगों से सलाह लेना।

पवित्रशास्त्र हमें बताता है कि हम जो भी कल्पनाएं या योजनाएं बनाएं उसमें सम्मति की आवश्यकता होती है, क्योंकि बहुत से मंत्रियों की सम्मति से बात ठहरती है। (नीतिवचन 15ः22) बिना योजनाओं के हम विपत्तियों को आमंत्रित करते हैं, परन्तु सलाह देनेवालों की बहुतायात के कारण बचाव होता है। (नीतिवचन 11ः14)

सलाह किससे न लें?

  • जादू टोने करने वालों से सलाह न लें।
  • ओझाओं से सलाह न लें।
  • तंत्र-मंत्र करने वालों से सलाह न लें।
  • ज्योतिषियों से सलाह न लें।
  • इनसे सलाह लेकर हम परमेश्वर के अनाज्ञाकारी होते हैं और अपने जीवन को अशुद्ध कर देते हैं। (लैव्यव्यवस्था 19ः31)

सारांश।

परमेश्वर हमें प्रोत्साहित करता है कि हम कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले सलाह लें। सम्मति को सुनना और शिक्षा को ग्रहण करना जरुरी है ताकि हम बुद्धिमान ठहरे। (नीतिवचन 19ः20) हमें बुद्धि, सुझाव और विकल्प जान लेने के लिए सलाह लेनी चाहिए ताकि हम उतम निर्णय ले सकें। हमेशा याद रखें मसीही जीवन में सर्वोपरि अधिकार परमेश्वर के जीवते वचन को ही है। इसलिए इसको नियमित पढ़ने के लिए समय निर्धारित करें, ताकि आप सही वक़्त में उत्तम निर्णय ले सकें।

शालोम

बाइबल के आर्थिक सिद्धांत जानिए

Anand Vishwas
Anand Vishwas
आशा है कि यहां पर उपलब्ध संसाधन आपकी आत्मिक उन्नति के लिए सहायक उपकरण सिद्ध होंगे। आइए साथ में उस दौड़ को पूरा करें, जिसके लिए प्रभु ने हम सबको बुलाया है। प्रभु का आनंद हमारी ताकत है।

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