What Does The Bible Say About Savings? | बाइबल के अनुसार बचत करने के महत्त्व को समझिए

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What Does The Bible Say About Savings? | बचत करने के महत्त्व को समझिए। आज के समय में भी कई लोग बचत नहीं करते हैं क्योंकि वे बचत के महत्व को नहीं जानते हैं। बचत करना ये भी दर्शाता है कि हम परमेश्वर द्वारा दिए गए स्त्रोतों के एक अच्छे भंडारी हैं और बुद्धिमता पूर्ण निर्णय लेते हैं। वचन बताता है कि भला मनुष्य अपने नाती पोतों के लिए भी सम्पति छोड़ देता है। (नीतिवचन 13:22)

Bible हमें Saving करने के लिए प्रोत्साहन देती है।

  • वचन उसको बुद्धिमान बताता है जो बचत करता है। नीतिवचन 21ः20
  • यूसुफ ने बुद्धिमानी से पूरे मिस्रीयों को 7 वर्षों तक 20% Saving कराया।
  • सिंगापुर के प्रत्येक नागरिक अपने कमाई का 40% Saving करते हैं।
What Does The Bible Say About Savings?
Image by TheDigitalWay from Pixabay

Saving कैसे करें?

आत्मसंयम के साथ – आत्मसंयम, बचत करने का कुंजी है। पवित्र आत्मा हमारे अहम को नियंत्रित करता है। आत्मसंयम, आत्म नियंत्रण से नहीं आता है। आत्म संयम को नियंत्रण के लिए बाहर से मदद की आवश्यकता होती है। हमारा अहम टूटा हुआ, खोया हुआ, घमंड से भरा हुआ, मजबूर और अभिमान से भरा हुआ है। हमारे अहम को आत्म संयम के लिए मदद की आवश्यकता है। (गलातियों 5ः16-17, 18 – 23)

पवित्र आत्मा हमारे अहम को नियंत्रित करता है जब हम आत्मा के नियंत्रण में चलते हैं। धन संचय, लालच से प्रेरित नहीं होना चाहिए क्योंकि जो रूपये पैसे से प्रेम रखता है वह रूपये पैसे से तृप्त न होगा, और न जो बहुत धन से प्रीति रखता है, वह लाभ से तृप्त होगा। (सभोपदेशक 5ः10)

जिसकी आत्मा वश में नहीं वह ऐसे शहर के समान है जिसकी शहरपनाह घेराव करके तोड़ दी गई हो। (नीतिवचन 25ः28) यदि आपके पास आत्म संयम नहीं है तो ये मायने नहीं रखता है कि आप कितना रूपया कमाते हैं। इसलिए बचत के लिए आत्म सयंम भी जरुरी हो जाता है।

आज संसार में तीन तरह के लोग रहते हैं… पहला – जिनके पास है। दूसरा – जिनके पास नहीं है। तीसरा – जो कुछ उनके पास है उसके प्रति भी विश्वासयोग्य नहीं हैं।

धनी होना वह नहीं है जिसके पास सबसे अधिक है, बल्कि वह जो सबसे कम की इच्छा रखता है।

नियमित रूप से Saving करें।

मेहनती लोगों की कल्पनाओं से फायदा होता है, परंतु उतावली करने वाले लोगों को घाटा ही होता है। (नीतिवचन 21ः5) युसूफ ने भी सिखाया कि हमें अच्छे समय में, बुरे वक़्त के लिए बचत जरुर करनी चाहिए। (उत्पति 41:34-36)

कितनी Saving करें?

यूसुफ के समय में 20% Saving किया गया। यह निश्चित नहीं है कि आप इतना ही जमा करें परंतु हमारा सुझाव है कि आप जितना कर सकते हैं Saving करें कम से कम 10% Saving जरूर करें।

Saving क्यों करें?

  • अचानक आने वाली आपातकालीन स्थिति के लिए।
  • मुख्य खरीददारी के लिए बचत करें।
  • लम्बे समय की जरूरतों के लिए।
  • ऊँची शिक्षा के लिए।
  • विवाह के लिए।
  • परिवार बढ़ाने की योजना के लिए।
  • घर के लिए।
  • नए व्यवसाय की शुरूआत के लिए।
  • अन्य आवश्यक जरूरतों के लिए।

धन संयोजन के तरीके

  • जमीन
  • मूल्यवान धातु
  • मवेशी
  • खेती
  • फसल
  • स्टाॅक
  • बाॅन्डस्
  • पी पी एफ

ऐसी जगह धन संचय न करें जहां धोखा है।

कभी भी धन प्राप्त करने के लालच में उतावली न करें क्योंकि वचन हमें बताता है कि उतावली करने वाला घटी में पड़ेगा। (नीतिवचन 28ः22) पौलुस हमें बताता है कि धन अपने आप में गलत नहीं है पर धन से प्रेम करना सब प्रकार की बुराइयों की जड़ है। सच्चे इन्सान पर बहुत आशीर्वाद होते रहते हैं, परंतु जो धनी होने में उतावली करता है, वह निर्दोष नहीं ठहरता। (नीतिवचन 28ः20)

कर्ज लेना भविष्य पर निर्भर रहना है, परंतु Saving करना भविष्य के लिए तैयार रहना है। बुद्धिमानी के साथ बचत करने की कुंजी है, आप जो कमाते हैं उसे कम खर्च करें और लंबे समय के लिए उसे बचाए रखें। और याद रखें, अपने स्वर्गीय खाते में भी जरुर जमा करते रहें क्योंकि जहाँ आपका धन होगा वहीं आपका मन भी लगा रहेगा।

शालोम

बाइबल के आर्थिक सिद्धांत जानिए।

Anand Vishwas
Anand Vishwas
आशा है कि यहां पर उपलब्ध संसाधन आपकी आत्मिक उन्नति के लिए सहायक उपकरण सिद्ध होंगे। आइए साथ में उस दौड़ को पूरा करें, जिसके लिए प्रभु ने हम सबको बुलाया है। प्रभु का आनंद हमारी ताकत है।

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